बिहार बोर्ड इंटर व मैट्रिक सेंट-अप परीक्षा 2026: 75% अटेंडेंस जरूरी, बिना उपस्थिति नहीं मिलेगा प्रवेश – पूरी जानकारी
बिहार बोर्ड इंटर और मैट्रिक सेंट-अप परीक्षा 2026 में 75% उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। यदि किसी छात्र की उपस्थिति निर्धारित अनुपात से कम होगी, तो उसे सेंट-अप परीक्षा देने का मौका नहीं मिलेगा और वह बोर्ड की अंतिम (मुख्य) परीक्षा के लिए भी पात्र नहीं होगा। नीचे पूरे नियम, प्रक्रिया, शेड्यूल, महत्व और सरकारी निर्देश
सेंट-अप परीक्षा क्या है?
बिहार बोर्ड (BSEB) द्वारा हर वर्ष इंटर (कक्षा 12) और मैट्रिक (कक्षा 10) के छात्रों के लिए सेंट-अप परीक्षा आयोजित की जाती है। यह परीक्षा मुख्य बोर्ड परीक्षा से पहले विद्यालय स्तर पर ली जाती है, जिसे प्री-बोर्ड भी कहते हैं। इसमें विद्यार्थी की तैयारियों और योग्यता का मूल्यांकन होता है। जो छात्र सेंट-अप परीक्षा में सफल होते हैं उन्हें ही बोर्ड की मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलता है[2][6]।
75% अटेंडेंस का नियम
बिहार स्कूल एग्ज़ामिनेशन बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी रेगुलर छात्रों को सेंट-अप और मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए कम से कम 75% उपस्थिति (अटेंडेंस) आवश्यक है। स्कूल द्वारा उपस्थिति का रिकॉर्ड हर छात्र के लिए तैयार किया जाता है और उसी के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। अगर उपस्थिति 75% से कम है तो:
• सेंट-अप परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलती।
• एडमिट कार्ड जारी नहीं होता।
• बोर्ड की अंतिम परीक्षा देने की पात्रता नहीं रहती
उपस्थिति कैसे जांची जाती है?
• स्कूल में दैनिक उपस्थितियों को रजिस्टर में दर्ज किया जाता है।
• प्रत्येक छात्र की कुल अनुपस्थिति और उपस्थिति जोड़कर प्रतिशत निकाला जाता है।
• प्रधानाचार्य या स्कूल प्रशासन समिति इसकी पुष्टि करते हैं।
• बोर्ड स्तर पर स्कूल से प्राप्त आंकड़ों को मान्यता दी जाती है।
छूट किसे है?
• एक्स-स्टूडेंट्स, कंपार्टमेंटल, इंप्रूवमेंट, या सिंगल-सब्जेक्ट के छात्र इस नियम से मुक्त रहते हैं; रेगुलर छात्रों पर अनिवार्य
परीक्षा का महत्व
सेंट-अप परीक्षा का उद्देश्य
• छात्रों की वास्तविक तैयारी का मूल्यांकन।
• समय प्रबंधन, उत्तर लेखन कौशल, और परीक्षा पैटर्न की पहचान।
• छात्रों की कमजोरियों को ठीक कर अंतिम परीक्षा में अच्छे अंक लाना।
• बोर्ड दोनों स्तरों (मैट्रिक व इंटर) पर योग्यता की जांच सुनिश्चित करता है
• फेल या अनुपस्थित छात्र को एडमिट कार्ड नहीं मिलता, जिससे वे मुख्य बोर्ड परीक्षा नहीं दे सकते।
परीक्षा का शेड्यूल
साल 2026 के लिए सेंट-अप परीक्षा का शेड्यूल बिहार बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है। परीक्षा दोनों (कक्षा 10 व 12) के लिए नवंबर 2025 में शुरू होती है:
• इंटर (कक्षा 12) हेतु शेड्यूल विषयानुसार स्कूल द्वारा जारी किया जाता है
• प्रथम शिफ्ट: सुबह 9:30 से दोपहर 12:45 तक।
– दूसरी शिफ्ट: दोपहर 2:00 से शाम 5:15 तक
• हर विद्यार्थी को परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए मिलता है[3]।
एडमिट कार्ड और बोर्ड परीक्षा योग्यता
• सेंट-अप परीक्षा में उपस्थित रहना और इसे पास करना अनिवार्य है।
• इसमें फेल या अनुपस्थित छात्र को बोर्ड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड प्रदान नहीं किया जाएगा।
• मुख्य बोर्ड परीक्षा देने के लिए सेंट-अप परीक्षा पास करना अनिवार्य शर्त है
सरकार और बोर्ड का निर्देश
बिहार बोर्ड के आधिकारिक निर्देश में स्पष्ट है:
• सभी स्कूल को आदेशित किया गया है कि वे 75% की उपस्थिति का सघन पालन कराएँ।
• वर्ष 2025-26 के बोर्ड परीक्षा में यह नियम सख्ती से लागू होगा।
• प्राइवेट विद्यालयों को भी नियम का सम्मान करना होगा
• बोर्ड ने स्पेशल नोटिफिकेशन जारी करते हुए इस नियम की पुनः पुष्टि की है
• CBCS बोर्ड ने भी यही 75% उपस्थिति का नियम जारी रखा है
कैसे तैयारी करें
1. नियमित स्कूल जाएँ: प्रतिदिन उपस्थित रहने से 75% उपस्थिति का लक्ष्य पूरा होगा।
2. समय प्रबंधन का अभ्यास करें: सेंट-अप परीक्षा की टाइमिंग को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई करें।
3. कमजोर विषयों पर फोकस: परीक्षा से पहले कमजोर विषयों की अतिरिक्त तैयारी करें।
4. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें: इनसे परीक्षा पैटर्न और महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी मिलती है
5. संदेह दूर करें: शिक्षक से प्रश्न पूछकर सभी डाउट साफ करें।
6. हेल्थ का ध्यान रखें: स्वास्थ्य ठीक रहे तो स्कूल जाने में व्यवधान कम होगा।
7. प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों में उपस्थित रहें: बोर्ड में दोनों के अंक मिलते हैं।
8. शेड्यूल के हिसाब से तैयारी करें।
कुछ सामान्य प्रश्न (FAQ)
Q1: बिना 75% उपस्थिति के क्या होगा?
उत्तर: बोर्ड या सेंट-अप परीक्षा की अनुमति नहीं होगी, न एडमिट कार्ड जारी होगा
Q2: सेंट-अप परीक्षा कौन-कौनसी कक्षा के लिए है?
उत्तर: इंटर (12वीं) और मैट्रिक (10वीं) के लिए सभी रेगुलर छात्र।
Q3: किन छात्रों को छूट है?
उत्तर: एक्स-स्टूडेंट्स, कंपार्टमेंटल, इंप्रूवमेंट और सिंगल-सब्जेक्ट वालों को
Q4: सेंट-अप परीक्षा अनिवार्य क्यों है?
उत्तर: छात्रों की तैयारियों का बोर्ड स्तर पर मूल्यांकन एवं परीक्षा के लिए योग्य
Q5: क्या परीक्षा स्कूल में होती है?
उत्तर: हाँ, परीक्षा स्कूल स्तर पर आयोजित होती है, लेकिन बोर्ड के निर्देशानुसार होती है
मुख्य बातें संक्षेप में
• 75% उपस्थिति सभी रेगुलर छात्रों के लिए अनिवार्य।
• बिना उपस्थिति परीक्षा देना संभव नहीं।
• सेंट-अप परीक्षा में पास होना आवश्यक।
• बोर्ड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड तभी मिलेगा जब सेंट-अप पास होगा।
• नियमों का पालन हर स्कूल और छात्र को करना आवश्यक
सरकारी नोटिफिकेशन और दिशानिर्देश
• बिहार बोर्ड प्रत्येक वर्ष नोटिफिकेशन जारी करता है, जिसमें उपस्थिति और योग्यता के नियम दिए जाते हैं।
• सेंट-अप परीक्षा की तिथि, समय, शेड्यूल व फॉर्म भरने की प्रक्रिया स्कूल प्रशासन द्वारा जारी की जाती है
• अंतिम बोर्ड परीक्षा के फॉर्म तब ही भरे जा सकते हैं जब सेंट-अप परीक्षा पास कर ली जाए
निष्कर्ष :-
बिहार बोर्ड की इंटर व मैट्रिक सेंट-अप परीक्षा 2026 के लिए 75% उपस्थिति का नियम छात्रों के सर्वांगीण विकास और मुख्य बोर्ड परीक्षा के लिए योग्यता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। सभी स्कूलों को इसे सख्ती से पालन करवाने के आदेश मिले हैं। विद्यार्थी को नियमित स्कूल जाना, पढ़ाई में निरंतरता रखना, और परीक्षा के सभी नियमों को समझना जरूरी है। इस प्रकार यह परीक्षा न सिर्फ बोर्ड परीक्षा के लिए बल्कि विद्यार्थी जीवन के लिए भी एक महत्वपूर्ण कड़ी है