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बिहार फसल सहायता योजना 2025: बिहार राज्य फसल सहायता योजना ऑनलाइन आवेदन शुरू – ₹20,000 तक मुआवजा, ऐसे करें अप्लाई 

बिहार फसल सहायता योजना 2025: बिहार राज्य फसल सहायता योजना ऑनलाइन आवेदन शुरू – ₹20,000 तक मुआवजा, ऐसे करें अप्लाई 

बिहार फसल सहायता योजना 2025 के बारे में विस्तृत आलेख प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसमें योजना के उद्देश्य, पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज, मुआवजा राशि, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां समाहित हैं।

बिहार फसल सहायता योजना 2025 का परिचय

बिहार फसल सहायता योजना 2025 राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही एक महत्त्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, असमय वर्षा आदि के कारण हुई फसल नुकसान के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह योजना किसानों की आय सुरक्षा और कृषि के प्रति उनकी निर्भरता को कम करने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत किसानों को फसल नुकसान के प्रतिशत के आधार पर ₹20,000 तक का प्रत्यक्ष मुआवजा दिया जाता है।

बिहार राज्य फसल सहायता योजना 2025: ओवरव्यू

जानकारी विवरण
योजना का नाम बिहार राज्य फसल सहायता योजना 2025
विभाग सहकारिता विभाग, बिहार सरकार
सहायता राशि ₹7,500 (20% तक क्षति), ₹10,000 (20% से अधिक) प्रति हेक्टेयर
अधिकतम सीमा ऑनलाइन (esahkari.bihar.gov.in)
खरीफ 2025 अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025
रबी 2024-25 अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025
रबी 2024-25 अंतिम तिथि 21 अप्रैल 2025 (विस्तारित)
लाभार्थी रैयत/गैर-रैयत किसान

योजना

 का लाभ किसे मिलेगा?

इस योजना के अंतर्गत बिहार के सभी रैयत और गैर-रैयत किसानों को फसल नुकसान पर सहायता दी जाती है। किसान जो खरीफ और रबी दोनों मौसमों में खेती करते हैं, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजीकृत किसान इस योजना का लाभ विशेष रूप से ले सकते हैं।

मुआवजा राशि और उसकी श्रेणियां

• 20% तक फसल क्षति होने पर ₹7,500 प्रति हेक्टेयर सहायता।

• यदि 20% से अधिक फसल क्षति होती है, तो ₹10,000 प्रति हेक्टेयर सहायता।

• अधिकतम दो हेक्टेयर जमीन के लिए कुल ₹20,000 का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

मुआवजा राशि सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है।

 आवेदन प्रक्रिया

• आवेदन ऑनलाइन राज्य सरकार के कृषि विभाग के ई-सहकारी पोर्टल ( @esahkari.bihar.gov.in ) या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जाता है।

• किसान को योजना के लिए पहले किसान पंजीकरण करना आवश्यक है, जिसके बाद वे फसल सहायता योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

• आवेदन के लिए किसान को फसलवार भूमि का विवरण देना होता है, जिसमें खाता संख्या, खेसरा संख्या, थान संख्या, और फसल की जानकारी होनी चाहिए।

• आवेदन के समय भूमि का Geo-coordinates (जियो-टैगिंग) एंड्रॉयड मोबाइल से देना अनिवार्य होता है।

• किसानों को स्व-घोषणा प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।

आवश्यक दस्तावेज

• किसान पंजीकरण संख्या

• भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र या राजस्व रसीद (चयनित ग्राम पंचायतों के लिए)

• फसल और भूमि का स्व-घोषणा प्रमाण पत्र

•  मोबाइल से भूमि का जियो-टैगिंग

• गैर-रैयत या आंशिक रैयत किसानों के लिए पंचायत स्तर के अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित सत्यापित दस्तावेज

योजना के प्रमुख पहलू एवं विशेषताएं

• यह योजना पूरी तरह से सरकार द्वारा वित्तपोषित है, किसानों से कोई प्रीमियम शुल्क नहीं लिया जाता।

• फसल क्षति का वेरीफिकेशन पंचायती स्तर पर किया जाता है जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

• आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया से ग्रामीण स्तर पर सहकारी विभाग की मदद भी उपलब्ध है।

• फसल सहायता योजना के अंतर्गत गेहूं, चना, अरहर, राई, सरसों, आलू, प्याज, टमाटर जैसी महत्वपूर्ण फसलें शामिल हैं।

लाभार्थी कैसे आवेदन करें

1. सबसे पहले ई-सहकारी पोर्टल या मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।

2. अपना किसान पंजीकरण नंबर दर्ज करें या नया पंजीकरण करें।

3. फसल सहायता योजना के लिए आवेदन फॉर्म भरें, जिसमें खेत एवं फसल की पूरी जानकारी दें।

4. आवश्यक दस्तावेज और स्व-घोषणा पत्र अपलोड करें।

5. फसल के नुकसान का प्रमाण सहित भूमि के Geo-coordinates दर्ज करें।

6. आवेदन जमा करें और उसकी स्थिति ऑनलाइन चेक करें।

कैसे मिलेगा मुआवजा?

• आवेदन के बाद कृषि विभाग व संबंधित अधिकारियों द्वारा फसल क्षति का सत्यापन किया जाता है।

• सत्यापन के बाद मुआवजा राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के जरिए भेज दी जाती है।

• अधिकतम ₹20,000 तक की राशि दो हेक्टेयर तक के लिए प्रदान की जाती है।

फायदे

• ₹20,000 तक मुआवजा।

• त्वरित DBT।

• फसल सुरक्षा।

• आय स्थिर।

• ग्रामीण लाभ।

• दीर्घकालिक: कृषि विकास

योजना का उद्देश्य और महत्व

इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर किसान परिवारों को फसल नुकसान की स्थिति में वित्तीय सहारा देना है ताकि वे आर्थिक तंगी से बच सकें और उनकी खेती प्रभावित न हो। यह योजना बिहार के समृद्ध कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखने और किसानों की आय में स्थिरता लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

विस्तृत जानकारी बिहार फसल सहायता योजना 2025 के ऑनलाइन आवेदन, लाभ, मुआवजा राशि, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और योजना के उद्देश्यों पर आधारित है। यदि आप बिहार के किसान हैं तो इस योजना का लाभ उठाने के लिए जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना से कृषि क्षेत्र में जोखिम कम करने और किसान अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। 

 

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